अनिल अम्बानी बायोग्राफी (In Hindi)

अनिल अम्बानी बायोग्राफी

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अम्बानी सालभर पहले से ‘कहीं अधिक मजबूत’ दिख रहे हैं। वह अपनी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) का मालिकाना हक बचाने में सफल रहे, लेकिन उन्हें वायरलेस बिजनेस बंद करना पड़ा। 2017 के अंत में 2जी मामले में दोषमुक्त कराए दिए जाने से कई वर्षों की ‘शर्मिंदगी’ भी खत्म हो गई। अनिल अंबानी के बारे में आज हम आपके लिए उनकी जीवनी लाएं हैं उनमे जीवन के बारे में जानने को |

अनिल अंबानी का जन्म (4 जून ,1959 ) को एक भारतीय  व्यवसायी हैं। फोर्ब्स की 2018 की सुची के अनुसार उनके पास 2.7 अरब अमरीकी डालर मूल्य की संपत्ति है, जिसके अनुसार वे विश्व के 887 वें सबसे धनी व्यक्ति हैं। अपने भाई मुकेश अंबानी से अलग होने के बाद उनकी संपत्ति काफी कम हो गई है।अनिल अंबानी रिलायंस कैपिटल और रिलायंस कम्युनिकेशन  के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक और रिलायंस एनर्जी तथा पूर्व में रिलायंस इंडस्ट्रीज अध्यक्ष  के उप अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे। रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी 66% है| 

जीवन परिचय

अनिल के स्वर्गीय पिता धीरूभाई अम्बानी  द्वारा स्थापित रिलायंस समूह भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक घराना है। उनकी माता कोकिलाबेन अम्बानी  है। उनका विवाह टीना मुनीम अम्बानी  से हुआ है जो 1980  के दशक के प्रारम्भिक समय की एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री थी और जिनसे उन्हें दो पुत्र, जय अनमोल तथा जय अंशुल हुए। अनिल अंबानी समूह की चार फर्मों — रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM), रिलायंस कैपिटल (RCL), रिलायंस एनर्जी (REL) और रिलायंस नेचुरल रेसौरसेस लिमिटेड (RNRL) में निवेशकों की कुल संपत्ति 2,42,384  करोड़ रुपए तक पहुँच गई है, जबकि प्रवर्तकों की कुल अनुमानित धारिता करीब 87,000  करोड़ रुपये हैं।

अनिल की ज्यादातर संपत्ति RCOM में इनके 65% अंशों से बनी है, जिसका बाजार मूल्य 2,03,000  करोड़ रुपये हैं। उनके पास RCL में 50  प्रतिशत से अधिक (बाजार मूल्य 24,000  करोड़ रुपये), REL में 35  प्रतिशत (बाजार मूल्य 12,700  करोड़ रुपये) और RNRL में करीब 54  प्रतिशत है, जिसका बाजार मूल्य करीब 2,600  करोड़ रुपए हैं। अंबानी ने मुंबई विश्वविधालय से  विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा व्हार्टन स्कूल  से एमबीए की उपाधि प्राप्त की। इन दिनों वे व्हार्टन बोर्ड ऑफ़ ओवरसीअर्स के सदस्य हैं|

कार्यक्षेत्र में सहयोग 

अंबानी सहायक प्रमुख कार्यकारी अधिकारी के रूप में 1983  में रिलायंस में शामिल हुए और भारतीय पूंजी बाजार में अनेक वित्तीय सुधार लाने का श्रेय उन्हें जाता है। उदाहरण के लिए, वैश्विक अमानती प्राप्तियां, विनिमय तथा बांड के अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक निर्गम के साथ उन्होंने विदेशी पूंजी बाजारों में भारत की और से पहली घुसपेठ की।

उन्होंने 1991 के बाद, रिलायंस को विदेशी वित्तीय बाजारों से लगभग 2 अरब अमरीकी डॉलर जुटाने के प्रयासों में निर्देशित किया; जनवरी 1997  में 200 वर्षीया एक यंकी बांड निर्गम के साथ जो एक उच्चतम बिन्दु था, जिसके बाद लोग उन्हें एक वित्तीय जादूगर समझने लगे। उन्होंने रिलायंस समूह को भारत की अग्रणी वस्त्र, पेट्रोलियम, पेट्रोरसायन, बिजली और दूरसंचार कंपनी के रूप में इसकी वर्तमान स्थिति तक प्रशस्त किया।

अनिल उत्तर प्रदेश  विकास परिषद  के सदस्य थे। वे  DA-IICT गांधीनगर के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर के अध्यक्ष हैं और कानपूर  के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर के सदस्य भी हैं। वे इंडियन इंस्टीटुए ऑफ़ मैनेजमेंट  अहमदाबाद के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर के सदस्य हैं। वे केन्द्रीय सलाहकार समिति, केन्द्रीय विद्युत विनियामक आयोग के एक सदस्य भी हैं।

जून 2004 में, समाजवादी पार्टी  के सहयोग से अनिल भारतीय संसद में, राज्य सभा- ऊपरी सदन के एक स्वतंत्र सदस्य के रूप में चुने गए । मार्च 2006 में, उन्होंने इस्तीफा दे दिया। हाल ही में अपने भाई मुकेश अम्बानी  के बाद खरबपतियों की पुस्तक में उनका भी नाम दर्ज हुआ है। उनकी 24  साल के लंबे कैरियर में अनिल का नाम उनकी वर्तमान पत्नी सहित अनेक तारिकाओं के साथ जोड़ा गया है।

वे फिल्म सितारे अमिताभ बच्चन  के एक करीबी दोस्त हैं। मनोरंजन उद्योग में उनकी प्रमुख उपलब्धियों में एक है, फ़िल्म निर्माण एवं वितरण में सलंग्न मल्टीप्लेक्स कंपनी एडलैब्स का अधिग्रहण, जो मुंबई के इकलौते गुंबद थियेटर के मालिक है। 3 अगस्त 2008  को, अंबानी इंग्लिश प्रीमियर लीग टीम, यूनाइटेड न्यूकासल  के अधिग्रहण के 230  मिलियन पाउंड के एक सौदे में एक प्रमुख प्रतियोगी के रूप में उभरे।

पुरस्कार और सम्मान 

1-टाइम्स ऑफ़ इंडिया चुनाव द्वारा वर्ष 2006  के लिए बिज्नेस्मन ऑफ़ दी इयर चुने गए।

2-2004 के लिए प्रतिष्ठित  सीईओ ऑफ़ दी इयर घोषित किए गए।

3-सितंबर 2003  में ‘एमटीवी यूथ आइकोन ऑफ़ दी इयर’ चुने गए।

4-बॉम्बे मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा अक्टूबर 2002  में ‘दशक के उद्यमी पुरस्कार’ से सम्मानित किये गए |

5-भारत की प्रमुख व्यापार पत्रिका बिजनेस इंडिया द्वारा दिसम्बर 1997  में ‘बिज्नेस्स्मन ऑफ़ दी इयर 1997 ‘ पुरस्कार से सम्मानित।

 

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Asif Khan

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