Barbaad Shayari

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Barbad Shayari on Mohabbat in hindi 2019 

सज़दे कीजिये, या माँगिये दुआयें,,,, जो आपका है ही नही, वो आपका होगा भी नही!!


तू मेरी बरबादियों के जश्न में शामिल रहा,
ये तसव्वुर ही बहुत आराम देता है मुझे!!


अजीब था उनका अलविदा कहना !सुना कुछ नहीं और कहा भी कुछ नहीं!
बर्बाद हुवे उनकी मोहब्बत में, की लुटा कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीँ


मोहब्बत मे “हां” और “ना” दोनों एक ही शब्द है…

जिन्हे जवाब मिला, वो बर्बाद ही हुआ है…!!


ये दुनिया तुम्हें एक पल में बरबाद कर देगी,
मोहब्बत हो भी जाए तो उसे मशहूर मत करना।


बर्बाद बस्ती में किसको ढूंढ़ते हो मोहसिन।,
उजड़े हुए लोगों के ठिकाने नहीं होते… !!


एक जैसी ही दिखती थी.. माचिस की वो तीलियाँ.. कुछ ने दिये जलाये.. और कुछ ने घर.!!


सज़दे कीजिये, या माँगिये दुआयें,,,,

जो आपका है ही नही, वो आपका होगा भी नही!!


आसान नहीं आबाद करना घर मोहब्बत का,
ये उनका काम है जो ज़िन्दगी बर्बाद करते हैं!!


जानते थे तोङ दोगे तुम… फिर भी दिल तुम्हेँ देना अच्छा लगा!!


ना आह सुनाई दी ना तड़प दिखाई दी….!!
बर्बाद हो गए तेरे इश्क में हम बड़ी खामोशी के साथ….!!


मालूम है मुझे वो ना मेरी थी ना कभी होगी !

बस इक शौक था उसके “पीछे “जिदंगी बर्बाद करने की !!


कुछ हार गयी तकदीर कुछ टूट गए सपने..
कुछ गैरों ने बर्बाद किया कुछ छोड़ गए अपने!!


फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क़ मुकम्मल,
इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है!!


दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,रोता है दिल जब वो पास नहीं होता, बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में, और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता!!


मुझे तो होश नही, तुमको खबर हो शायद,
लोग कहते है कि तुम ने मुझ को बर्बाद कर दिया!!


यूँ तो सिखाने को जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है;

मगर झूठी हँसी हँसने का हुनर तो मोहब्बत ही सिखाती है!!


वाह रे इश्क़ तेरी मासूमियत का जवाब नहीं,
हँसा कर करता है बर्बाद तू मासूम लोगों को!!


फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल,
इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है…!!


मेरे अपने मशगुल हैं मुझे बर्बाद करने में,

गैरों से गिला क्या वो तो तमाशाई हैं !!


कुछ लोग पसंद करने लगे हैं अल्फाज मेरे,
मतलब मोहब्बत में बरबाद और भी हुए हैं!!


मैं मर भी जाऊ, तो उसे ख़बर भी ना होने देना ….
मशरूफ़ सा शख्स है, कही उसका वक़्त बर्बाद ना हो जाये!!


एक जैसी ही दिखती थी.. माचिस की वो तीलियाँ..

कुछ ने दिये जलाये.. और कुछ ने घर!!


बरबाद होकर यार के दिल में मिली जगह,
आबाद कर गई मेरी बरबादियाँ मुझे!!


यूँ ना बर्बाद कर मुझे, अब तो बाज़ आ दिल दुखाने से..
मै तो सिर्फ इन्सान हूँ, पत्थर भी टूट जाता है, इतना आजमाने से!!


जानते थे तोङ दोगे तुम…

फिर भी दिल तुम्हेँ देना अच्छा लगा!!


लुटा के हर चीज मंजिल-ए-इश्क़ की राह में,
मैं हँस पड़ा हूँ आज खुद को बरबाद देख के!!


कभी तुम पूछ लेना, कभी हम भी ज़िक्र कर लेगें..
छुपाकर दिल के दर्द को, एक दूसरे की फ़िक्र कर लेंगे!!


दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता,
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता!!

तेरी हालत से लगता है तेरा अपना था कोई,
इतनी सादगी से बरबाद कोई गैर नहीं करता!!


ये उड़ती ज़ुल्फें और ये बिखरी मुस्कान,
एक अदा से संभलूँ तो दूसरी होश उड़ा देती है!!


बर्बाद हो गऐ थे हम दुनियाँ ने यूँ हमको सताया था,
हर एक मोड पे हम गिरते थे किसी ने भी ना हमको उठाया था,
तब तूने ही सनम एक उमीद का दिया जलाया था,

अपने हर एक गम को छुपाकर मुझे जीना सिखाया था!!


होता है जिस जगह मेरी बर्बादियों का जिक्र,
तेरा भी नाम लेती है दुनिया कभी-कभी!!


सब मुझे ही कहते है की भूल जाओ उसे,
कोई उसे क्यूँ नहीं कहेता की वो मेरी हो जाए!!


मैं भी हुआ करता था वकील इश्क वालों का कभी…

नज़रें उस से क्या मिलीं आज खुद कटघरे में हूँ!!


वैसे तो तुम्हीं ने मुझे बर्बाद किया है
इल्ज़ाम किसी और के सर जाए तो अच्छा!!


वफ़ा करनी भी सीखो इश्क़ की नगरी में ए दोस्त..
फ़क़त यूँ दिल लगाने से दिलों में घर नही बनते..!!


Zindagi Barbad Shayari in Hindi 2019 

यूँ तो सिखाने को जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है; मगर झूठी हँसी हँसने का हुनर तो मोहब्बत ही सिखाती है!!


ऐ इश्क मुझे अब और जख्म चाहिये…!!

मेरी शायरी मे अब वो बात नही रही!!


किसे इल्जाम दूँ मैं अपनी बरबाद जिंदगी का,
वाकई में मोहब्बत जिंदगी बदल देती है!!


गुफ्तगू उनसे होती यह किस्मत कहाँ..
ये भी उनका करम है कि वो नज़र तो आये!!


मेरे इश्क़ से मिली है ,,
तेरे हुस्न को ये शौहरत ,
तेरा ज़िक्र ही कहाँ था

मेरी दीवानगी से पहले !!


दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता,!!


इक झलक देख लें तुझको तो चले जाएंगे..
कौन आया है यहां उम्र बिताने के लिए!!


इश्क कर लीजिए बेइंतेहा किताबो से..

एक यही ऐसी चीज़ है जो अपनी बातों से पलटा नही करती.!!


बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता…!!


निकल गया तलाश में उसकी मैं पागलों की तरह..
जैसे मुझे अब इंतज़ार नहीं #सनम चाहिये!!


वो कहती है मेरे पास रहो…आस पास रहो…
मेरे इश्क़ में दिन रात रहो,यानि कि …

बर्बाद थे ,बर्बाद हो ,बर्बाद रहो…!!


अपनी तस्वीर को आँखों से लगाता क्या है,
एक नज़र मेरी तरफ देख तेरा जाता क्या है,
मेरी बर्बादी में तू भी है बराबर का शामिल,
मेरे किस्से तू गैरों को सुनाता क्या है!!


दुआ करो की वो सिर्फ हमारे ही रहे,
क्यूंकि हम भी किसी और के होना नहीं चाहते!!


पलकों को कभी हमने भिगोए ही नहीं,
वो सोचते हैं की हम कभी रोये ही नहीं,
वो पूछते हैं कि ख्वाबो में किसे देखते हो?
और हम हैं कि एक उम्र से सोए ही नहीं!!


हवस ने पक्के मकान, बना लिये हैं जिस्मों में..
और सच्ची मुहब्बत किराये की झोपड़ी में, बीमार पड़ी है आज भी!!


बरबाद करना था तो  किसी और तरीके से करते
जिंदगी बनकर जिंदगी ही छीन ली तुमने!!


उड़ता हुआ गुबार सर-ए-राह देख कर,
अंजाम हम ने इश्क़ का सोचा तो रो दिए,
बादल फिजा में आप की तस्वीर बन गए,
साया कोई खयाल से गुजरा तो रो दिए!!


एक महबूब लापरवाह सा, एक मोहब्बत बेपनाह सी
दोनों काफी हैं.. सुकून बर्बाद करने को!!


किस फिक्र किस ख्याल में खोया हुआ सा है,
दिल आज तेरी याद को भूला हुआ सा है,
गुलशन में इस तरह कब आई थी बहार
हर फूल अपनी शाख से टूटा हुआ सा है!!


ख़ूब है शौक का ये पहलू भी,
मैं भी बर्बाद हो गया तू भी !!


हो रही है साजिश मेरी बर्बादी की
कर रहे बुजुर्ग बातें मेरी शादी की!!


मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना,
भूल जाना मेरा ख्याल ना करना,
हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे,
पर तुम मेरी लाश ले कोई सवाल मत करना!!


बर्बाद करने के और भी रास्ते थे फ़राज़

न जाने उन्हें मुहब्बत का ही ख्याल क्यूं आया!!


हुए हम जिनके लिए बरबाद

असीर-ए-पंजा-ए-अहद-ए-शबाब कर के मुझे
कहाँ गया मेरा बचपन खराब कर के मुझे

हुए हम जिनके लिए बरबाद
वो हमको चाहे करें न याद
जीवन भर, जीवन भर उनकी याद में
हम गाए जाएंगे, हम गाए जाएंगे

एक ज़माना था वो पल भर हमसे रहे न दूर
हमसे रहे न दूर
एक ज़माना है के हुए हैं मिलने से मजबूर
मिलने से मजबूर
रहे वो दिल का नगर आबाद
बसी है जिस में किसी की याद
हम दिल को, हम दिल को उनके याद से
बहलाए जाएंगे, बहलाए जाएंगे

मैं हूँ ऐसा दीपक जिस में न बाती न तेल
न बाती न तेल
बचपन बीता बनी मोहब्बत चार दिनों का खेल
चार दिनों का खेल
वो ग़म से लाख रहे आज़ाद
सुने न दर्द भरी फ़रियाद
अफ़्साना, अफ़्साना उनके प्यार का
हम गाए जाएंगे, गाए जाएंगे

 

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Asif Khan

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