चाणक्य नीति (Motivational and Inspiring quotes)

चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। वे कौटिल्य नाम से भी प्रसिद्ध हैं। उन्होंने नंदवंश का नाश करके चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया। उनके द्वारा रचित अर्थशास्त्र राजनीति, अर्थनीति, कृषि, समाजनीति आदि का महान ग्रंथ है। उन्होंने चाणक्य नीति  नामक ग्रंथ की भी रचना की थी।

यहाँ जानिए चाणक्य की कुछ खास नीतियाँ

1-जैसे सूखे पेड़ को आग लगा दी जाये तो पूरे जंगल को खत्म कर देता है, वैसे ही एक पापी पुत्र पूरे घर को नष्ट कर देता है|

2-सांप के फन, मक्खी के मुख और बिच्छू के डंक में ज़हर होता है; पर दुष्ट व्यक्ति तो सिर से पैर तक इसमें भरा होता है।

3-फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है, लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है।

4-मुझे सफलताओं से मत आकियें,बल्कि जितनी बार गिरा हूँ और गिरकर उठा हूँ उस बल पर आंकिये|

5-व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है; और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है।

6-भगवान मूर्तियों में नहीं है। आपकी अनुभूति आपका ईश्वर है। आत्मा आपका मंदिर है।
7-अगर सांप जहरीला ना भी हो तो भी उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।
8-इस बात को व्यक्त मत होने दीजिए कि आपने क्या करने के लिए सोचा है, बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाएं रखें और इस काम को करने के लिए दृढ़ रहें।
9-शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है। शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।
10-जैसे ही भय आपके करीब आए, उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दें।
11-किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं, जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आइना।
12-जब तक आपका शरीर स्वस्थ और नियंत्रण में है और मृत्यु दूर है, अपनी आत्मा को बचाने कि कोशिश करें, जब मृत्यु सिर पर आएगी तब आप क्या कर पाएंगे?
13-संतुलित दिमाग जैसी कोई सादगी नहीं है, संतोष जैसा कोई सुख नहीं है, लोभ जैसी कोई बीमारी नहीं है और दया जैसा कोई पुण्य नहीं है।
14-अपमानित हो कर जीने से अच्छा मरना है। मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है, लेकिन अपमान हर दिन जीवन में दुःख लाता है।
15-कभी भी उनसे मित्रता नहीं करें, जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा हों। ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी।
16-शिक्षा सबसे ताकतवार हथियार है जिससे दुनिया को बदला जा सकता है|
17- कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयं से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा| जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढिए|
18-किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना|

19-कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं|

20- सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है, कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं,ये आपको बर्वाद कर देगा|

21- कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों| ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी|

22-सेवक को तब परखें जब वह काम ना कर रहा हो, रिश्तेदार को किसी कठिनाई  में, मित्र को संकट में, और पत्नी को घोर विपत्ति में|

23-हे बुद्धिमान लोगों ! अपना धन उन्ही को दो जो उसके योग्य हों और किसी को नहीं, बादलों के द्वारा लिया गया समुद्र का जल हमेशा मीठा होता है|

24-एक अनपढ़ व्यक्ति का जीवन उसी तरह से बेकार है जैसे की कुत्ते की पूँछ, जो ना उसके पीछे का भाग ढकती  है ना ही उसे कीड़े-मकौडों के डंक से बचाती है|

25-जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है|

26-सेवक को तब परखें जब वह काम ना कर रहा हो, रिश्तेदार को किसी कठिनाई  में, मित्र को संकट में, और पत्नी को घोर विपत्ति में|

 

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Asif Khan

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