Desh Bhakti Shayari in Hindi

देश भक्ति शायरी

Image result for desh bhakti images

 

दे सलामी इस तिरंगे को
जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक दिल में जान हैं

***

वो आज मुजसे देश भक्त होने का सबूत मागते है। .
लहराएगा तिरंगा अब सारे आस्मां पर, भारत का नाम होगा सब की जुबान पर, ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान, कोई जो उठाएगा आँख हमारे हिंदुस्तान पर।
***
मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हुँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ.
***
ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई ,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई ,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता.
***
तिरंगा हमारा हैं शान-ए-ज़िन्दगी, वतन परस्ती हैं वफ़ा-ए-ज़मी, देश के लिए मर मिटना कबूल हैं हमे, अखण्ड भारत के स्वप्न का जूनून हैं हमे।
***
चलो फिर से आज वो नज़ारा याद कर ले
शहीदों  के दिल थी जो जवाला वो याद कर ले
जिसमे बह कर आज़ादी पहुंची थी किनारे पर
देशभक्तो के खून की वो धरा याद कर ले
***
मुझे ना तन चाहिए ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिंदा रहूं इस मातृभूमि के लिए
और जब मरुं तो तिरंगा hi कफ़न चाहिए
***
न मस्जिद को जानते हैं , न शिवालों को जानते हैं जो भूखे पेट होते हैं, वो सिर्फ निवालों को जानते हैं. मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है. की मेरा चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है…… में अमन पसंद हूँ, मेरे शहर में दंगा रहने दो… लाल और हरे में मत बांटो, मेरी छत पर तिरंगा रहने दो
***
देश के लिए प्यार है तो जताया करो
किसी का इन्तजार मत करो
गर्व से बोलो जय हिन्द
अभिमान से कहो भारतीय है हम
***
कुछ नशा ये तिरंगे की आन  का है
कुछ नशा मातृभूमि के मान का है
हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है
***
वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे है,
मरेगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे हैं
***
किसी को लगता है हिन्दू खतरे में है
किसी को लगता है मुस्लमान खतरे में है
धर्म का चश्मा उतार के देखो यारो
पता चलेगा हमारा हुन्दुस्तान खतरे में है
***
खुशनसीब है वो जो वतन पर मिट जाते है
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते है
करता हु तुम्हे सलाम ए वतन पर मिटने वालो
तुम्हारे हर सास में तिरंगे का नसीब बस्ता है
***
 दिलों की नफरत को निकालो
वतन के इन दुश्मनों को मारो
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन
भारत माँ के सम्मान को बचा लो
***
लुटेरा है अगर आजाद तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है।
***
आओ झुक कर करें सलाम उन्हें
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है
कितने खुशनसीब हैं वो लोग
जिनका खून वतन के काम आता हैं!
***
जो अब तक  ना खोला वो खून  नहीं पानी मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है
जो देश के काम ना आये बेकार वो जवानी है
***
मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है
***
इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना,
रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना,
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने,
ऐसे तिरंगे को दिल में हमेशा बसाए रखना।
***
कतरा – कतरा भी दिया वतन के वास्ते ,
एक बूँद तक ना बचाई इस तन के वास्ते ,
यूं तो मरते है लाखो लोग हर रोज़ ,
पर मरना तो वो है जो जान जाये वतन के वास्ते .
***
 शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा
***
सुंदर है जग में सबसे नाम भी न्यारा है,
जहां जाति भाषा से बढ़कर देश प्रेम की धारा है,
निश्चय पवन प्रेमपूर्ण और विशाल हृदय वाला है,
वह भारत देश हमारा है वह भारत देश हमारा है।
***
बुजदिलों , कायरों में न मेरा नाम हो।
लहू का क़तरा क़तरा मेरे वतन पे क़ुर्बान हो।
ये ख़ुदा कुछ ज्यादा नहीं माँगा मैंने,
बस इतनी सी आरज़ू है कि हर भारत वासी
के दिल में वतन , और तिरंगे के प्रति सम्मान हो
***
अनेकता में एकता ही इस देश की शान है,
इसीलिए मेरा भारत महान है
***
ए मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा,
यह शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा,
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गंवाए,
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर ना आए।
***
आयो झुक कर सलाम करे उन्हें
जिनके हिस्से में यह मुकाम आता है …
किस कदर खुश नसीब है वो लोग…
खून जिनका वतन के काम आता है …
***
 मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।
***

मैं भारत देश का हरदम अमित सम्मान करता हूं,
यहां की चांदनी मिट्टी का गुणगान करता हूं,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा बस यही अरमान रखता हूं।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये

***

ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर,
इन्सानियत ही है धर्म वतन का,
बस जियो वतन के नाम पर।

***

जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है..

***

ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है,
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये.. जय हिन्द। .

***

ऐ वतन तेरी मुहब्बत में ये जिंदगी अदा कर देंगे
इन बरफीली वादियों मे अपनी तकदीर बयां कर देंगे
हिंदुस्तान के मैदान -ए – जंग से वादा है हमारा
कश्मीर मांगने वालों को जिंदगी से विदा कर देंगे .

 

About the author

Asif Khan

Hey, My Name is Asif Khan i'm Blogger by Choice. I write about Health, Fitness, Internet and Tech.

Leave a Comment