दूसरों के भरोसे मत रहो-प्रेरणादायक कहानी

दूसरों के भरोसे मत रहो ,अपना काम खुद करो

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एक बार एक किसान के गेहूं के खेत में चिड़िया ने घोंसला बना रखा था | उस घोंसले में उसने अंडे दिए | कुछ समय बाद उन अण्डों में से बच्चे निकले | चिड़िया दाना चुगने के लिए दूर जंगल में जाती थी | और अपने बच्चों के लिए दाना लेकर लौटती थी इस दौरान उसके बच्चे घोंसले में अकेले रहते थे |  जब चिड़िया दाना लेकर लौटती तब बच्चे बहुत खुश होते उसके द्वारा लाये हुए दाने को खाते |

एक दिन चिड़िया जब दाना लेकर लौटी तब उसने देखा उसके बच्चे बहुत डरे हुए हैं | अपने बच्चों से पूछा “क्या बात हैं बच्चों इतने डरे हुए क्यों हों” तब बच्चों ने कहा की किसान आया था वो बोलै की फसल पक चुकी है कल मई अपने बेटों को लेकर आऊंगा फसल कटवाने को | अगर उसने फसल काटी तब हमारा घोंसला टूट जायेगा और हम कहाँ रहेंगे | चिड़िया ने जवाब दिया फ़िक्र मत करो बच्चों अभी फसल नहीं कटेगी |

सच में अगले दिन कोई फसल काटने नहीं आया और चिड़िया के बच्चे बहुत खुश हुए | लेकिन कुछ दिनों बाद चिड़िया को बच्चे फिर से डरे हुए मिले | चिड़िया के पूछने पर बच्चों ने बताया किसान आज फिर आया था और बोला की कल फसल काटने के लिए मज़दूरों को भेजूंगा | चिड़िया ने फिर से बच्चों से  कहा डरने की जरूरत नहीं है फसल कल भी नहीं कटेगी |

ऐसे ही कुछ दिन और बीते गए कोई फसल काटने के लिए नहीं आया | कुछ दिनों बाद बच्चे एक बार फिर से डरे हुए थे उन्होंने चिड़िया को बताया की आज किसान फिर से आया था और कह रहा था की दूसरों के भरोसे रहकर मैंने फसल काटने में बहुत देर कर दी | मै कल खुद ही फसल को काटने के लिए आऊंगा |

यह सुनकर चिड़िया बच्चों से बोली अब हमे यह जगह  छोड़कर किसी सुरक्षित जगह  चले जाना चाहिए | क्योंकि कल खेत की फसल जरूर कटेगी | वो तुरंत बच्चों को लेकर दूसरे घोंसले में पहुँच गयी | जिसे उसने कई दिनों से कड़ी मेहनत करके बनाया था |

अगले दिन चिड़िया और उसके बच्चों ने देखा की किसान ने फसल काटनी शुरू कर दी है | तब बच्चों ने बड़ी हैरानी से पूछा माँ तुमने कैसे पहचाना की कल खेत की फसल कट ही जाएगी | चिड़िया ने बच्चों को बताया की जब तक इंसान कोई किसी भी कार्य के लिए दूसरों पर निर्भर रहता है वो कार्य पूरा नहीं होता है | लेकिन जब इंसान उस कार्य को खुद करता है तब वह कार्य अवश्य पूरा होता है |

किसान जब तक दूसरों पर निर्भर था तब तक उसकी फसल नहीं कटी | लेकिन जब उसने खुद फसल काटने का फैसला किया तो उसकी फसल कट गयी | दोस्तों हमारे साथ भी यही होता है जब तक हम किसी भी काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहते है तो उस काम के होने की संभावना बहुत कम होती है | और अगर वो काम हो भी गया तो उस तरह से नहीं हो पाता  जैसे हम चाहते थे | लेकिन अगर हम वही काम खुद करें तो वो काम समय पर भी हो जायेगा और जैसा हम चाहते हैं वैसा ही होगा |

तो दोस्तों अपने किसी भी काम के लिए पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर नहीं रहें | जहाँ तक हो सके अपने काम खुद ही करें | अगर काम दूसरों से करवाना भी है तो अपनी देख रेख में करवाएं ताकि काम सही से तथा समय पर पूरा हो जाये |

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Asif Khan

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