Happy Friendship Day 9 Poem

दोस्तों आज हम आपके लिए बहुत ही प्यारी प्यारी Poem लेकर आय हैं। जिन्हे आप अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। दोस्ती एक अनमोल रिश्ता है, हम सब को इसकी कदर करनी चाहिए. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, Happy Friendship Day Poem लिखी हैं। HindiDream.Com 

Image result for emotional poems on friendship in hindi

Happy Friendship Day Poem in Hindi 2019 

(वो बचपन)

वो बचपन अच्छा था
ये जवानी हार गई स्कूल के दिन अच्छे थे
ये कॉलेज की इंजीनियरिंग मार गई
वो मोज मस्ती तो स्कूल की थी
जहाँ पहली से ना छोड़ा दसवीं तक का साथ
वो स्कूल नहीं परिवार था
जहां सब एक दूसरे के लिए मरते थे
बिछडने का ना ग़म कोई और खुशी के पल साथ जिया करते थे
टिफिन कोई लाता था और खा कोई जाता था
पर भूखा कोई ना जाता था
फिर युँ निकले दिन और रातें
फिर शरुआत कॉलेज कि हुई
नऐ दोस्त नया परिवार फिर बनाने जा रहा था
अपने दिल को फिर से बहला रहा हूँ
वो मोज मस्ती शायद यहाँ भी हो पर
यहाँ ना कोई प्यार ना कोई परिवार
मतलब से मतलब रखता है
यहाँ हर एक इंसान दुनिया मानो मतलबी सी है
इसका एहसास कॉलेज मे आकर पता चला
फिर सोचा इससे अचछा तो स्कूल था
वो छुट्टी की घंटी सुनते ही वो भाग के कमरे से बाहर आना
फिर हँसते हँसते दोस्तों से मिल जाना
काश वो दोस्त आज भी मिल जाते
दिल में फिर से बचपन के फूल खिल जाते !!


(क्या खबर तुमको)

क्या खबर तुमको दोस्ती क्या हैं
ये रोशनी भी हैं और अँधेरा भी हैं
दोस्ती एक हसीन ख़्वाब भी हैं
पास से देखो तो शराब भी हैं

दुःख मिलने पर ये अजब भी हैं
और यह प्यार का जवाब भी हैं
दोस्ती यु तो माया जाल हैं
इक हकीकत भी हैं ख़याल भी हैं

कभी जमीं कभी फ़लक भी हैं
दोस्ती झूठ भी हैं सच भी हैं
दिल में रह जाए तो कसक भी हैं
कभी ये हर भी हैं जीत भी हैं

दोस्ती साज भी हैं संगीत भी हैं
शेर भी नमाज़ भी गीत भी हैं
वफ़ा क्या हैं वफ़ा भी दोस्ती हैं
दिल से निकली दुआ भी दोस्ती हैं

बस इतना समझ ले तू
एक अनमोल हीरा हैं दोस्ती !!


(ना जाने कहां गुम हो गया)

वो दोस्त ना जाने कहां गुम हो गया
बचपन में जो मेरे संग खेला करता था,
जो बारिश में मेरे संग भीगा करता था।

ना जाने वो दोस्त कहां गुम हो गया
जब मेरे संग गांव की गलियों में खूब खेला करता था,
जिसके संग जिंदगी जिया करते थे।

ना जाने वो दोस्त कहां गुम हो गया
जिसको सब कुछ बता दिया करता था,
जिसके संग खूब हंसी ठिठोली किया करता था।

ना जाने वो दोस्त कहां गुम हो गया
जिसके संग स्कूल जाया करता था,
जिसके संग खाना बांटा करता था।

ना जाने वो दोस्त कहां गुम हो गया
जिसके संग गोलगप्पे खाया करता था,
जिसके संग मेला देखने जाया करता था !!


(स्कूल का वो दिन याद है)

स्कूल का वो दिन याद है,
हम साईकल से आया करते थे।
तेरी गोभी सब्जी वाली टिफिन को,
दोनो मिलकर खाया करते थे।

मैं बहुत पतला था और
तू थोड़ी मोटी थी।
इसी बात पर तेरी मेरी,
बहुत लड़ाई होती थी।

वो पहला दिन याद कर,
जब तू अकेली आयी थी।
न जाने कितनी सवालो से,
मैंने बहुत दिमाग खायी थी।

सब टॉपर टॉपर कहते थे यार,
मुझे बहुत जलन होता था।
तुझे मात कैसे दु सोच,
मैं पूरी रात न सोता था।

पर तुमसे लड़ाई करना,
बहुत अच्छा लगता था।
तू इतनी मोटी थी कि,
मैं बच्चा लगता था।

हद तो तब हो गयी,
जब पिकनिक पर गए थे।
वह भी तूने टिफिन में,
गोभी की सब्जी ले गए थे।

जानता हूं ये पड़कर ,
तू बहुत हँस रही होगी ।
पर तेरी गोल वाली चहेरे पर,
वो हँसी जच रही होगी।

पर यार पायल …..
मुझे याद नही कौन सी बात,
हमे अच्छे दोस्त बना गयी।
आज कुछ तस्वीरें देखते ,
मुझे स्कूल की याद आ गयी !!


(सुख-दुख के अफसाने)

सुख-दुख के अफसाने का
ये राज है सदा मुस्कुराने का
ये पल दो पल की रिश्तेदारी नहीं
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
जिन्दगी में आकर कभी ना वापस जाने का
ना जानें क्यों एक अजीब सी डोर में बन्ध जाने का
इसमें होती नहीं हैं शर्तें
ये तो नाम है खुद एक शर्त में बन्ध जाने का

ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
दोस्ती दर्द नहीं रोने रुलाने का
ये तो अरमान है एक खुशी के आशियाने का
इसे काँटा ना समझना कोई
ये तो फूल है जिन्दगी की राहों को महकाने का
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
दोस्ती नाम है दोस्तों में खुशियाँ बिखेर जाने का

आँखों के आँसूओं को नूर में बदल जाने का
ये तो अपनी ही तकदीर में लिखी होती है
धीरे-धीरे खुद अफसाना बन जाती है जमाने का

ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
दोस्ती नाम है कुछ खोकर भी सब कुछ पाने का
खुद रोकर भी अपने दोस्त को हँसाने का
इसमें प्यार भी है और तकरार भी

दोस्ती तो नाम है उस तकरार में भी अपने यार को मनाने का
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का !!


(दिल की बात)

आई फ़ोन है उसके पास
जीन्स उसकी लेविस स्ट्रॉस
लिपस्टिक और मेकप पोत कर
निकलती घर से सज-धज कर
मुझको वो खूब थी भा गयी
जब से देखा नींद उड़ गयी
मैंने भेजा फ्रेंड रिक्वेस्ट
कर दिया उसने वो रिजेक्ट
उससे बात कैसे बढ़ाऊँ
कुछ मैं ये समझ न पाऊं
क्या उसको भेजूं गुलाब
या दे दूँ कोई रोचक किताब
रोज़ हूँ मैं सोचता रह जाता
दिल की बात बता न पाता !!


(दोस्ती प्यार का मीठा दरिया है)

दोस्ती
प्यार का मीठा दरिया है
पुकारता है हमें

आओ, मुझमें नहाओ
डूबकी लगाओ
प्यार का सौंधा पानी
हाथों में भर कर ले जाओ

आओ
जी भर कर गोता लगाओ
मौज-मस्ती की शंख-सीपियाँ
जेबों में भर कर ले जाओ

दोस्ती का दरिया
गहरा है, फैला है
इसमें नहीं तैरती
धोखे की छोटी नौका
कोशिश की तो
बचने का नहीं मिलेगा मौका!!


(दोस्ती किस तरह निभाते हैं)

दोस्ती किस तरह निभाते हैं,
मेरे दुश्मन मुझे सिखाते हैं।

नापना चाहते हैं दरिया को,
वो जो बरसात में नहाते हैं।

ख़ुद से नज़रें मिला नही पाते,
वो मुझे जब भी आजमाते हैं।

ज़िन्दगी क्या डराएगी उनको,
मौत का जश्न जो मनाते हैं।

ख़्वाब भूले हैं रास्ता दिन में,
रात जाने कहाँ बिताते हैं !!


(ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे)

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे

तोड़ेंगे दम मगर तेरा साथ ना छोडेंगे

ऐ मेरी जीत तेरी जीत तेरी हार मेरी हार

सुन ऐ मेरे यार तेरा ग़म मेरा ग़म

तेरी जान मेरी जान

ऐसा अपना प्यार खाना पीना साथ है

 मरना जीना साथ है

सारी ज़िन्दगी ये दोस्ती

लोगों को आते हैं दो नज़र

हम मगर

ऐसा तो नहीं हों जुदा या ख़फ़ा

ऐ खुदा दे दुआ ऐसा हो नहीं

ज़ान पर भी खेलेंगे

तेरे लिये ले लेंगे सबसे दुश्मनी

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे तोड़ेंगे

दम मगर तेरा साथ ना छोड़ेंगे !!

 

दोस्तों उम्मीद है आपको मेरी ये  Happy Friendship Day 9 Poem   काफी पसंद आयी होगी। दोस्तों Comment करके जरूर बतायें। HindiDream.com की तरफ से आपको FriendshipDay की ढेर ढेर सारी सुभकामनाएँ।

About the author

Asif Khan

Hey, My Name is Asif Khan i'm Blogger by Choice. I write about Health, Fitness, Internet and Tech.

Leave a Comment