लाल जूते

बहुत समय पहले की बात है एक शहर में एक अमीर आदमी रहता था| उसकी पत्नी बीमार थी और जब उसकी पत्नी को लगा की उसका मृत्यु का समय निकट आ रहा है तो उसने अपनी बेटी अनाया को बुलाया और कहा ‘मेरी बच्ची जब मै नहीं रहूं तो तुम अच्छी और पवित्र बनी रहना,परमेश्वर हमेशा तुम्हारी  देखभाल करेगा और मै तुम्हे हमेशा स्वर्ग से देखूंगी और तुम्हारे साथ रहूंगी| और फिर उसकी माँ ने अपनी आँखे बंद की और मर गयी| अनाया की माँ का निधन होने के बाद,वो हर दिन अपनी माँ की कब्र पर जाती थी और रोती थी |

अनाया के पिता अपने व्यापार के सिलसिले में बहुत यात्रा करते थे| उन्होंने पुनर्विवाह करने का फैसला कर लिया,ताकि वो अनाया की देखभाल के लिए किसी को ला सकें| उन्होंने एक विधवा के साथ विवाह कर लिया उसकी दो जवान बेटियां भी थीं| अनाया अपनी दुष्ट सौतेली माँ और दो दयाहीन सौतेली बहनों के साथ रहने लगी| वो अनाया के साथ बहुत बुरा बर्ताव करती थी| उसके एक नौकरानी की तरह बुलाते और काम कराती थी|

एक दिन अनाया फर्श पर झाड़ू लगा रही थी और उसकी दोनों बहने सोफे पर बैठकर फल खा रही थी| खाने के बाद,एक बहन  ने छिलके फर्श पर फेंक दिए,सौतेली माँ ड्राइंग रूम में आई और फर्श गंदा देखा तो अनाया से कहा की “अनाया फर्श साफ़ करो अच्छे से,क्या ?कोई एक काम भी तुम ठीक से नहीं कर सकती !!!!अनाया ने कहा हां माँ अभी करती हूं|”

अनाया से खाना पकवाया जाता और बर्तन साफ़ कराये जाते | अनाया की सौतेली माँ और सौतेली बहने जब खाना खा लेती उसके बाद अनाया को झूठन खाने को मिलती थी | अनाया बहुत रोती थी | उसे रात में छज्जे पर सुलाया जाता ,हर रात वह रोते रोते भूखी सो जाती |

एक दिन राजा ने बहुत बड़ी पार्टी देने का फैसला कर लिया और शहर से सारे अमीर लोगों को निमंत्रित किया| राजा चाहता था की जो भी लड़कियां पार्टी में आएंगी उनका राजकुमार उसमे से किसी को भी पसंद कर ले| सारे शहर में यह बात फ़ैल गयी की राजा अपने राजकुमार के लिए सुंदरी ढूढेंगे| सब लोग खुश थे और ख़ुशी से उछल रहे थे,अनाया भी काफी खुश थी क्योंकि वह हमेशा से महल देखना चाहती थी |

अनाया को उसकी सौतेली माँ ने कहा की “उसकी दोनों बेटियों को वह राजकुमारी की तरह सजाये,क्योंकि वह चाहती थी की उसकी एक बेटी को राजकुमार पसंद जरूर करे |”अनाया बहुत दयालु थी उसने दोनों बहनो की मदद की तैयार होने में | ” काश मै भी वहाँ आ सकती ;अनाया ने कहा |” उसने अपनी सौतेली माँ से कहा की क्या ?मै भी वहां चल सकती हूँ | मुझे महल देखना था | उसकी सौतेली माँ ने उसको मना कर दिया और कहा की तुम्हारे  पास ढंग के कपडे भी नहीं है और सब लोग तुम पर वहां हसेंगे और हमे शर्मिंदा होना पड़ेगा,यह पूछने की तुम्हारी हिम्मत भी कैसे हुई |

बहने और माँ उस राजा के भोजन में शामिल हुई और अनाया अकेली रह गयी और रोती रही |उसे याद आया की उसके पास उसकी माँ का दिया हुआ गाउन है पर वह गाउन फट चुका था  | वह उस गाउन को सिलने के लिए बैठ गयी | उसने उसको अच्छे से सिल लिया और तैयार हो गयी | उसने लाल जूते पहने जो उसकी माँ ने उसको अभी जन्मदिन पर दिए थे |  वह जूते कांच के थे जिसे पहनकर अनाया बहुत सुंदर लग रही थी |

उसने अपने आप को अच्छे से तैयार किया ताकि उसको पार्टी में उसकी माँ और  बहने पहचान नहीं पाए | वह जल्दी से महल की ओर चल पड़ी | जैसे ही वह महल पर पहुँची सब लोग उसकी तरफ देखने लगे| सब लोग उसकी तारीफ करने लगे और उसकी बहने और सौतेली माँ उसको पहचान नही पायी| राजकुमार ने जैसे ही अनाया को देखा उसे उसको प्रेम हो गया |

उसको महल बहुत पसंद आया,उसको याद ही नहीं था की उसकी बहन और माँ से पहले उसको घर पहुँचना है| उसको जैसे ही याद आया वह तुरंत वहां से निकल गयी| वह जब भाग रही थी तब उसके पैरों में से एक लाल जूती निकल गयी और उसको घर जल्दी पहुंचना था इसलिए उसने उस जूती को वही छोड़ दिया और तेज़ी से घर की ओर निकल गयी|

राजकुमार ने उस लाल जूती को उठा लिया और अपने नौकरो को उस लड़की को ढूंढने को भेजा| वह उस जूती को लेकर हर घर में हर एक लड़की को पहना कर देखने लगा | जिसको भी वह जूती फिट आती वह उसी से विवाह कर लेता| वह ढूंढते ढूंढते अनाया के द्वार पर जा पहुंचा|उसकी सौतेली माँ द्वार पर आई और उस जूती को देखकर अपनी दोनों बेटियों को पहना कर देखा | पर वह किसी को भी फिट नहीं आयी|

उन्होंने पूछा क्या आपके घर में कोई और भी है | माँ ने मना कर दिया,पर अचानक से अनाया बहार आ गयी और उन्होंने जैसे ही उसको वह जूती पहनाई उसको वह फिट आ गयी| राजा के सेवक अनाया को अपने साथ ले गए और राजकुमार का अनाया से विवाह हो गया | उसकी सौतेली माँ और बहनों को उनके किये का सबक मिल चुका था| अनाया अपना जीवन ख़ुशी के साथ व्यतीत करने लगी|

About the author

Asif Khan

Hey, My Name is Asif Khan i'm Blogger by Choice. I write about Health, Fitness, Internet and Tech.

Leave a Comment