महात्मा गाँधी जी के अनमोल वचन

महात्मा गांधी “बापू” या “राष्ट्रपिता” के रूप में भारत में बहुत प्रसिद्ध है। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। वें एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे और एक राष्ट्रवाद नेता की तरह ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारत का नेतृत्व किया था। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था| उनकी मृत्यु 30 जनुअरी 1948 को हुयी थी| मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या हिंदू कार्यकर्ता नाथूराम गोडसे ने की थी बाद में जिसको इसके लिए भारत सरकार द्वारा फांसी की सजा दे दी गयी। 1948 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा उन्हें एक और नाम दिया गया जो है “राष्ट्र का शहीद”|

आज हम दोस्तों आपके लिए उन्ही के द्वारा कहे गए कुछ अनमोल वचन लाएं है जिससे आप भी प्रेरक होंगे और उन्ही के जैसा सत्यवादी और अहिंसा का उपयोग करेंगे |

1-पाप से घृणा करो ,पापी से नहीं |

2-कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं ,जबकि कुछ लोग जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं |

3-व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी हैं,वो जो सोचता हैं वही बनता है |

4-अगर आपको दुनिया को बदलना है तो पहले खुद को बदलो |

5-ख़ुशी जब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं,जो कहते  हैं और जो करते हैं सब सामंजस्य में हो |

6-मैं  मरने के लिए तैयार हूँ,पर ऐसी कोई वजह नहीं है जिससे मैं मारने को तैयार हूँ |

7-पहले वह आपकी उपेक्षा करेंगे, उसके बाद आपपे हसंगे, उसके बाद आपसे लड़ाई करेंगे, उसके बाद आप जीत जायेंगे।

8-यह स्वास्थय ही है जो हमारा सही धन है, सोने और चांदी का मूल्य इसके सामने कुछ नही|

9-जब में सूर्यास्त और चन्द्रमा के सौंदर्य की प्रसंशा करता हूँ, मेरी आत्मा इसके निर्माता के पूजा के लिए विस्तृत हो उठती है।

10-जहाँ प्रेम है वहीँ जीवन है।

11-शक्ति दो प्रकार के होते हैं ! एक उत्तपन होता है दंड के डर से और एक प्यार से। प्यार की शक्ति हमेशा हज़ार गुना ज्यादा प्रभावी होता है।

12-हो सकता है हम ठोकर खाकर गिर पड़ें पर हम उठ सकते हैं; लड़ाई से भागने से तो इतना अच्छा ही है।

13-में हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा दीखता है वह अच्छा कर रहा है तब वह अच्छाई अस्थाई होती है, और जो बुराई करती है वह स्थाई होती है।

14-प्रार्थना सुबह की कुंजी है और शाम का सोंदर्य।

15-जीवन की गति बढाने की अपेक्षा भी जीवन में बहुत कुछ है।

16-तुम मुझे चैन में बांधो, या मेरे साथ यंत्रणा या अत्याचार करो, या मेरे पुरे शारीर को नष्ट कर दो, परन्तु तुम मेरे मन को कैद नहीं कर सकते |

17-किसी भी राष्ट्र की महानता उस राष्ट्र के पशुओं के प्रति प्रेम और व्यव्हार से पता चलता है।

18-किसी चीज पर विश्वास करना और उसे ना जीना बईमानी है |

19-मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह विनाश सर्वाधिकार है या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?

20-मनुष्य अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है।

उम्मीद है दोस्तों आप लोगों को यह कोट्स कैसे आप हमे comment के माध्यम से बता सकते हैं |

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Asif Khan

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