शहनाज़ हुसैन की जीवनी

यह कहानी सौंदर्य-प्रसाधन क्षेत्र की उस  विशिष्ट महिला की है जो भारत की जड़ी-बूटियों की महान प्राचीन दें को पुनः प्राप्त करके विश्वभर में फिर से स्थापित करने के लिए बेताब रही है| उसने सौंदर्य प्रसाधन विज्ञान क्षेत्र में हुई आधुनिकतम प्रगति को सम्मिलित करके प्राचीन जड़ी-बूटियों द्वारा उपचार और लाभों को विश्व भर में फ़ैलाने और उनसे  परिचित कराने का श्रेय प्राप्त किया है|

शहनाज़ हुसैन प्रारम्भिक जीवन

यह उस महिला की कहानी है जिसने सौंदर्य व उसके प्रति दृष्टिकोण को  एक नई दिशा दी है| और जो इस कार्य के प्रति पूर्णतः समर्पित है| शहनाज़ हुसैन-शहनाज़ हर्बल उत्पादनों की सफलता के लिए काम करने वाली एकमात्र महिला है| उसकी यह कहानी परी-कथाओं के सामान प्रतीत होती है,जिसने सौंदर्य संबंधी कृत्रिम उत्पादनों के लिए भारी खतरा पैदा कर दिया है|

शहनाज़ हुसैन का संबंध एक प्रमुख परिवार से है| उनके पिता एन.यू.बेग,मुख्य न्यायाधीश थे| इनके दादा यारजंग हैदराबाद रियासत के मुख्य न्यायाधीश और नागपुर के गवर्नर थे| वे समरकंद से भारत आये थे| इनका सबंध अफ़ग़ानिस्तान के शासक परिवार से था| इनके नाना उस्मान यार उदौल्ला और उनके पिता हैदराबाद की सेना के सेनापति थे| शहनाज़ हुसैन के चाचा एम.एच बेग भारत के मुख्य न्यायाधीश थे|

शहनाज़ हुसैन सम्भवतः विश्व की पहली महिला है जिन्होंने जड़ी-बूटियों की रसों,अर्कों का उपयोग सौंदर्य को स्थिर करने के लिए प्रारम्भ किया| आज जड़ी-बूटियों का उपयोग एक किवंदती के रूप में नहीं रह गया है उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकार कर लिया गया है| जब वे जड़ी बूटियों केसंबंध में बात कर ती है  तो उनका संबंध भारत से होता है पश्चिम के देश इस संबंध में एक आशापूर्ण दृष्टि से भारत की ओर देखते है| उन्हें इस बात का विश्वास है की कृत्रिम रसायनों से बनाये गए सौंदर्य प्रसाधनों से होनेवाली हानि का उत्तर जड़ी-बूटियों में ही पाया जा सकता है|

अंतर्राष्ट्रीय स्तर का सफर

जब कृत्रिम रसायनों से बनाई जाने वाली सौंदर्य सामग्री नही थी,उस समय भी भारत में इस काम के लिए प्रकृति से प्राप्त  जड़ी बूटियों का प्रयोग होता था| सौंदर्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ती के लिए शहनाज़ हर्बल उत्पादनों का प्रारम्भ हुआ| इसके पीछे यह भावना थी कि प्रत्येक महिला सौंदर्य संबंधी मामलों में पूर्णता प्राप्त करे और उसे स्थिर रख सके| विश्वभर में फैले हुए शहनाज़ हर्बल सौंदर्य प्रसाधन कक्षों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया जाता है| शहनाज़ हुसैन का विश्वास है की किसी व्यक्ति की त्वचा और उसके बल उसके शरीर की आभ्यन्तरिक स्थिति को दर्शाने वाले मापदंड है| इसीलिए वे भोजन और सामान्य स्वास्थ्य की  ओर से विशेष ध्यान देती है| उनके पास आनेवाले ग्राहकों के कष्टों की जांच के लिए अनेक परीक्षण किये जाते है| उनका विश्वास है की जब तक शरीर के अंदर का स्वास्थ्य ठीक नहीं होगा।,सौंदर्य प्रसाधक सामग्री अस्थायी रूप से ही सहायक हो सकेगी| रोग का मूल कारण दूर करने के बाद ही  सौंदर्य संबंधी देखभाल से स्थायी लाभ प्राप्त किया जा सकता है|

असली जड़ी-बूटियों और फलों के रस तथा अर्क आदि से बनाये गए उत्पादन और कृत्रिम सिंथेटिक ढंग से किए गए उत्पादनों में महान अंतर है| इस प्रकार के उत्पादनों में प्रकृति प्रदत गुणों का आभाव होता है| शहनाज़ हर्बल उत्पादनों की एक विशेषता यह है की उनका उपयोग त्वचा की देखभाल और सौंदर्य को स्थिर रखने के लिए किया जाता है| इन उत्पादनों  विशेषता यह है की इनका उपयोग गंजापन दूर करने,बाल झड़ने,सर अथवा शरीर में रूसी या फ्यास दूर करने,कील,मुहांसे,दाग -धब्बों,चकतों आदि को दूर करने के साथ साथ समय से पूर्व वृद्धावस्था के लक्षणों  को रोकने के लिए किया जाता है| इनमें उन्हें सफलता मिली है|

शहनाज़ हुसैन के प्रमुख उत्पाद

शहनाज़ हुसैन के उत्पादनों में एक प्रमुख उत्पादन है,”रोज मिन्ट”यह वही पौधा है जिसका उपयोग मुग़ल बादशाह बुखार होने पर शरीर का तापमान जानने के लिए किया करते थे| अगस्त 1982 में लंदन के महत्वपूर्ण सेल्फ्रिजीज़ स्टोर में भाग लेने वाली एशिया की यह पहली महिला थी| उन्होंने वहाँ  के भारत मेले में भाग लिया वहां उनकी सौंदर्य-प्रसाधन सामग्री की इतनी बिक्री हुई की उसने पिछले सब ब्रिटिश रिकॉर्ड तोड़ दिए| दो घंटो में 2700 पौंड सौंदर्य प्रसाधक सामग्री बिकी| अगले दिन सब अखबारों में विशेष रूप से ‘लंदन डेली’ने इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री का उल्लेख किया| तब से शहनाज़ के उत्पादनों को उस सुप्रसिद्ध स्टोर में बिक्री के लिए स्थयी स्थान प्राप्त हुआ|

जुलाई 1985 में शहनाज़ हुसैन अमेरिका में आयोजित भारत उत्सव में शामिल हुयी और उन्होंने स्मिथ सोनियल संग्राहलय मे अपने सौंदर्य-प्रसाधन सामग्री का प्रदर्शन किया| यहाँ भी उनके प्रसाधनों की भारी बिक्री हई | शहनाज़ हुसैन ने देश -विदेश के अनेक पत्रों में साढ़े आठ हज़ार के लगभग लेख लिखे|  नियमित रूप से विश्वभर की तीस के लगभग पत्र-पत्रिकाओं में  लिखती रहती है| शहनाज़ हुसैन जिस कंपनी की मालिक है वह केवल सौंदर्य उपचार करने वाली नहीं उसके पीछे एक अद्भुत महिला की कहानी भी है|

प्रेरणादायक महिला

इस महिला ने अपना जीवन दूसरो को खूबसूरत बनाने के लिए समर्पित कर दिया| सैकड़ों महिलाओं को फिर से सौंदर्य देकर उन्हें इस संसार में अभिमानपूर्वक रहने का हकदार बनाया| उन्होंने भारत की समृद्ध जड़ी-बूटियों की विरासत को विश्वभर में फैलाने का प्रयत्न किया| देश-विदेश में  शहनाज़ हुसैन के 100 उपचार केंद्र है वे उनके उद्घाटनों के अवसर पर भाग लेने के लिए स्वम् वहां जाती है उनसे मिलने के लिए समय वहाँ जो भीड़ उमड़ती है वह देखने लायक होती है| उन्होने सौंदर्य शब्द को नया अर्थ दिया है| वे अपने जीवन में ही एक किवंदती बन गई है|

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Asif Khan

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