विराट कोहली जीवनी | Virat Kohli Biography in Hindi

विराट कोहली  भारतीय क्रिकेट टीम  के तीनों फॉर्मेट के कप्तान हैं।एक सुरुचिपूर्ण दाएं हाथ के बल्लेबाज कोहली को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। वे सन् 2008 की 19 वर्ष से कम आयु वाले विश्व कप क्रिकेट विजेता दल के कप्तान भी रह चुके है। भारत के घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विराट दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते है।

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दिल्ली में पैदा हुए और वही के रहवासी होते हुए, कोहली ने 2006 में अपनी पहली श्रेणी क्रिकेट कैरियर की शुरुआत करने से पहले विभिन्न आयु वर्ग के स्तर पर शहर की क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2008, मलेशिया में अंडर -19 विश्व कप में जीत हासिल की, और कुछ महीने बाद, 19 साल की उम्र में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए अपना ओ॰डी॰आई॰ पदार्पण किया। शुरुआत में भारतीय टीम में रिजर्व बल्लेबाज के रूप में खेलने के बाद, उन्होंने जल्द ही ओ॰डी॰आई॰ के मध्य क्रम में नियमित रूप से अपने आप को स्थापित किया और टीम का हिस्सा रहे|

निजी जीवन

अपने बचपन और शुरुआती पेशेवर वर्षों में उनकी गोल-मटोल उपस्थिति ने उन्हें “चीकू” उपनाम दिया।

विराट कोहली का जन्म दिल्ली में 5 नवम्बर 1988 को हुआ था। उनके माता और पिता सरोज कोहली और प्रेमजी है। उनका अपना भाई, विकास और एक बड़ी बहन, भावना है। कोहली ने विशाल भारती स्कूल से अपनी शिक्षा हासिल की है। उनके पिता प्रेम जी, एक वकील थे और उनकी मृत्यु दिसम्बर 2006 में हुई थी।

उन्होंने बॉलीवुड की अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ इटली में 11 दिसंबर 2017 को शादी रचाई। अब वे वैवाहिक जीवन में बंध गए है। विराट और अनुष्का (विरुष्का) विवाह एक बहुत ही निजी संबंध था और विवाह से कुछ दिन पहले तक कोई भी शादी के बारे में नहीं जानता था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फोटोग्राफर, कैटरर्स और होटल कर्मचारियों सहित शादी में शामिल सभी को एक गैर प्रकटीकरण समझौते (एनडीए) द्वारा बंधे थे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर

वो एक मध्यक्रम के बल्लेबाज हैं और दायें हाथ के मध्यम गति गेंदबाज भी हैं। ये प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं और इंडियन प्रीमियर लीग  में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर  के कप्तान हैं। उन्होंने वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी के लिए भी खेला है। उन्होंने एक भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाया है।

कोहली ने 2008 में अपने एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय  शुरुआत की और 2011 के विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। एक दिवसीय टीम में नियमित होने के बावजूद, कोहली किंग्सटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में अपना पहला टेस्ट खेला था। कोहली 2012 में आईसीसी वनडे प्लेयर के प्राप्तकर्ता था। नवंबर 2013 में उन्होंने पहली बार वन डे बल्लेबाज में शीर्ष स्थान पाया था।

कैरियर की शुरूआत

कोहली सुर्खियों में आऐ जब वे अपने पिता की मृत्यु के दिन कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में दिल्ली के लिए खेल रहे थे। कोहली मलेशिया में आयोजित क्रिकेट विश्व कप में विजयी भारतीय टीम के कप्तान थे। नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए, उन्होंने की औसत से ६ मैचों में रन बनाए, जिसमे वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक भी शामिल है। टूर्नामेंट के दौरान कई सामरिक गेंदबाजी परिवर्तन करने के लिए उनकी सराहना की गई थी। वे अपना हर मैच गंभीरता से लिया करते है। कोहली ऑस्ट्रेलिया में इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में, कोहली ने शतक बनाया था और भारत रन से जीता था।

2011  क्रिकेट विश्व कप

कोहली 2011 क्रिकेट विश्व कप  में रैना से अधिक पसंदीदा खिलाड़ी थे और विश्व कप के अपने पर्दापण मैच में शतक बनाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने। उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 59  रन बनाए और युवराज सिंह के साथ 122  रनों की साझेदारी कि। गौतम गंभीर के साथ तीसरे विकेट के लिए उनकी 83 रन की साझेदारी ने भारत के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ अपने रनों का पीछा करते हुई मिली जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

टेस्ट कैरियर की शुरुआत

भारत ने जून और जुलाई 2011 में वेस्टइंडीज का दौरा किया , जब बीसीसीआई ने एक अनुभवहीन दस्ता चुना।सचिन तेंदुलकर ने सीरीज में विश्राम लिया और गौतम गंभीर व वीरेंद्र सहवाग को चोट के कारण टीम से बाहर किया गया। कोहली टेस्ट टीम में आए तीन नए खिलाड़ियों में से एक थे। भारत ने टेस्ट सीरीज 1-0  से जीत ली लेकिन कोहली इस प्रारूप में अपने कैरियर की शुरुआत में संघर्ष किया। मुख्य रूप से छोटी गेंदों के खिलाफ। दौरे पर अपनी 5 पारी में वो सिर्फ 76 रन बना पाए। कोहली के लिए शृंखला में मुख्य परेशानी का कारण तेज गेंदबाज फिदेल एडवर्ड्स थे जिन्होंने उन्हें शृंखला में कुल तीन बार आउट किया।

2012 में न्यूजीलैंड का भारत दौरा

दो टेस्ट मैच में 106  की औसत से 212 रन बनाए जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल है। बंगलौर में दूसरे टेस्ट मैच में कोहली ने अपना दूसरा टेस्ट शतक जमाया। उन्होंने पहली पारी में एक छक्का और  चौके के साथ 103  रन बनाऐ। दूसरी पारी में उन्होंने 51* रन बनाए और मैन ऑफ द मैच से सम्मानित किऐ गऐ।

२०14 में भारत का इंग्लैंड दौरा

कोहली और अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों को इंग्लैंड दौरे से पहले भारत के बांग्लादेश के दौरे के लिए विश्राम किया गया। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में 3-1 से हार की बदौलत पहले दो टेस्ट मैचों के बाद 1-0 से बढ़त हासिल कर ली।

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Asif Khan

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